शुक्रवार, नवंबर 12, 2010

हमारे बच्चे


हमारे बच्चे
हमारे बच्चे भी चलते हैं ठुमक-ठुमक
उनकी भी पैंजनियाँ मधुर बजती हैं
हमारे बच्चे भी चुराकर करते हैं तिलगुड़ी
हमारे बच्चे भी तोड़ते हैं खिलौने, सलेट, धनुष
मगर हमारे बच्चों की लीलाएँ देखकर
कवि उपमाएँ नहीं गढ़ते
देवता पुष्पवर्षा नहीं करते।


स्कूल जाता बच्चा
स्कूल जा रहा है बच्चा
कन्धे पर लदा है बस्ता
जिसमें भरी हैं
दर्जन भर किताबें
और पिता की आकांक्षाएँ
पिता-
जो किसान की तरह
पकती फसल देखकर
सुखी-चिन्तित हैं।

स्कूल जा रहा है बच्चा
अपने गुजरे बचपन की स्मृतियों में
सख्त मनाही है बच्चे को
बचपना दिखाने की।

मगर कहीं भी
कभी भी वह
निकालेगा कापी या किताब कोई
फाड़ेगा पन्ना
बनाएगा जहाज
और उड़ा देगा
आकाश को लक्ष्य कर।

12 टिप्‍पणियां:

  1. न जाने बच्‍चे इस त्रासदी से कब मुक्‍त होंगे।

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  2. प्रमेन्द्र भाई, व्याख्या अपने बस की नहीं, कविताएँ मुझे पसंद आई हैं

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  3. पहली कविता आभास देती है कि कवि रुक गया एकाएक, क्‍यूँ; ये एक प्रश्‍न है।
    दूसरी कविता आज का यथार्थ है, हर मॉं-बाप के लिये बच्‍चा एक इन्‍वेस्‍टमेंट है; एक पूँजीवादी सोच का परिणाम, जबकि बच्‍चा स्‍वाभाविक रूप से बचपन जीना चाहता है।
    बाल दिवस के रूप में ही सही, बात तो आयी।

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  4. बच्चों पर लिखी कवितायेँ पसंद आयीं. मेरी भी एक कविता का शीर्षक है 'स्कूल जाता बच्चा'...

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  5. MITRA AAPKI DONO HI KAVITAYE MUJHE ACHCHI LAGI . VISHYA AUR BHAV DONO MERE MANANUSAR HAI. Dr. MUKESH GAUTAM, MUMBAI.www.mukeshgautam.com

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  6. दोनों ही कविताएं अच्छी लगी । कल बेटे के स्कूल में वार्षिक उत्सव था । सभी अभिभावक अपने बच्चों को स्टेज पर देखकर खुश थे । तैयारी के नाम पर बच्चों को कई घंटे बंधक बनाए रखा गया । क्या वास्वव में यह बच्चों की प्रतिभा निखारने की कोशिश है

    रोहित कौशिक

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  7. sundar kavitaye,

    namaskaarji,

    baal divas ki bahut bahut shubh-kaamnayen

    meri nayi post paden, on my blog http://sanjaykuamr.blogspot.com/

    sanjay kumarr

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  8. बहुत सुंदर और प्यारी कवितायेँ ...... धन्यवाद

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  9. bacche par kavita likhne main bhi jokhim hai. Mene bacche par kavita likhi toh usne nahi suni, bahar bhag gaya. Kaash voh sunta, muskurata, hansta, khilkhilata. Usko kandhe par betha kar aangan ke do chakkar lagaye, Baccha khush hua. Kavita likhne ki bajaye use hansa de to behtar hai.

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